
विंढमगंज, दुद्धी सोनभद्र।
संवाददाता(राकेश कुमार कन्नौजिया)_
स्थानीय थाना क्षेत्र के श्री सरस्वती नाट्य कला समिति, जुड़वनिया फुलवार द्वारा आयोजित नाट्य समारोह के दूसरे दिन मंचित नाटक “एक नाव दो माझी” ने दर्शकों के हृदय को भावनाओं से भर दिया।
नाटक ने समाज में व्याप्त वर्गभेद, स्वार्थ, और दिखावे की दुनिया पर करारा प्रहार किया और सच्चे प्रेम एवं आत्मसम्मान का सशक्त संदेश दिया।
नाटक की कथा एक भावनात्मक मोड़ लेती है, जब राजा का बेटा और एक गरीब युवक — दोनों एक ही लड़की से प्रेम करते हैं।
राजा का बेटा अपने प्रभाव और वैभव के बल पर लड़की के घर विवाह का प्रस्ताव लेकर पहुँचता है।
लड़की के माता-पिता यह सोचकर राजी हो जाते हैं कि राजा के बेटे से विवाह करने पर उनकी बेटी का जीवन सुख और समृद्धि से भर जाएगा।
वे गरीब युवक के सच्चे प्रेम को नज़रअंदाज़ कर देते हैं।
परंतु विवाह के बाद हकीकत सामने आती है — राजा का बेटा शराबी निकला।
वह अपनी पत्नी से शराब का गिलास भरकर खुद को “पिलाने” का आदेश देता है।
लड़की के सपने चकनाचूर हो जाते हैं और वह समझ जाती है कि धन-दौलत सच्चे प्रेम और सम्मान की जगह कभी नहीं ले सकता।
दर्शकों ने इस दृश्य पर गहरी भावनात्मक प्रतिक्रिया दी।
पूरे मंचन के दौरान बार-बार तालियों की गूंज ने कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।
मंच पर कलाकारों — सुरेंद्र कन्नौजिया, मुरलीधर गुप्ता, अनूप कुमार कन्नौजिया, अनुज कुमार कन्नौजिया, रंजीत कुमार गुप्ता, अनुज कुमार गुप्ता, अमरनाथ कुशवाहा, विनय कुमार गुप्ता सहित अन्य पात्रों ने अपनी भूमिका में जान डाल दी।
उनके सशक्त अभिनय ने दर्शकों को देर तक बांधे रखा।
कार्यक्रम में समिति के संस्थापक मुनेश्वर प्रसाद कन्नौजिया, अध्यक्ष दिनेश यादव, ग्राम प्रधान फुलवार, उपाध्यक्ष पंकज कन्नौजिया, कोषाध्यक्ष विजय कुमार कन्नौजिया, रामनारायण गुप्ता, शारदा प्रसाद कन्नौजिया, मुकेश गुप्ता सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।











